Explainer: क्यों अजीब ढंग से चलता था कैप्टन जैक स्पैरो? कल्पना नहीं हकीकत है 'शिप लेग्स' की बीमारी

Jul 14, 2026 - 12:33
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Explainer: क्यों अजीब ढंग से चलता था कैप्टन जैक स्पैरो? कल्पना नहीं हकीकत है 'शिप लेग्स' की बीमारी

साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म 'पायरेट्स ऑफ द कैरेबियन' हॉलीवुड की कुछ सबसे आइकॉनिक फिल्मों में गिनी जाती है। डिज्नी थीम पार्क की एक राइड पर आधारित इस पूरी फिल्म फ्रेंचाइजी में हॉलीवुड सुपरस्टार जॉनी डेप ने 'कैप्टन जैक स्पैरो' का रोल प्ले किया था। लेकिन क्या आपने कभी नोटिस किया कि फिल्म में 'कैप्टन जैक स्पैरो' हमेशा थोड़ा अजीब ढंग से चलते हुए नजर आते हैं। लड़खड़ाए हुए कदम और हमेशा नशे में धुत्त रहने वाले इस किरदार की वॉक इसकी पहचान बन गई थी, लेकिन क्या आपने कभी नोटिस किया कि इस किरदार को जैक ने इस तरह की वॉक क्यों दी थी? इसके पीछे का किस्सा बहुत दिलचस्प है।रियल लाइफ में भी जहाजियों को होती है यह दिक्कतदरअसल सुपरस्टार जॉनी डेप ने इस किरदार को निभाने से पहले काफी गहरी रिसर्च की थी। फिल्म में उनका किरदार समुद्री डाकुओं की टोली का सरदार है। समुद्री खजानों और अजीब राक्षसों वाली मिथक कथाओं के इर्द-गिर्द गढ़ी गई इस फिल्म के लिए तैयारी करने के दौरान जॉनी डेप को एक ऐसी दिक्कत के बारे में पता चला, जिससे सालों तक समुद्री जहाज पर सवार रहने वाले लोग अक्सर दो-चार होते हैं। इस दिक्कत को कहा जाता है 'शिप लेग्स'। अब पहले यह समझते हैं कि यह शिप लेग्स क्या बला है, फिर आगे की बात समझेंगे।क्या फिल्म में आपने नोटिस की थी यह बारीक डिटेल?दरअसल आज के वक्त में जहाज काफी स्थित होते हैं, लेकिन जिस तरह के लकड़ी के पुराने और टूटे-फूटे जहाज पर जैक सफर करता है, वो समुद्र में पूरे वक्त हिलता-डुलता रहता है। इस तरह के जहाज पर महीनों तक समुद्र में रहने वाले लोगों का दिमाग उसी तरह के माहौल में ट्रेन्ड हो जाता है, जब ऐसे लोग जमीन पर आते हैं तो दिमाग उसी मोमेन्टम को पूरे वक्त महसूस कर रहा होता है, इसलिए पांव लड़खड़ाने लगते हैं। जॉनी डेप ने इसी बारीकी को अपने किरदार में डाला और यही वजह है कि शराब के नशे में धुत्त रहने वाला जैक अपने जहाप पर तो पूरी तरह स्थिर रहता है, लेकिन जमीन पर बहुत अजीब ढंग से चलता है।कभी न कभी तो आपको भी हुआ होगा यह अनुभवअगर आप में से किसी ने बस या ट्रेन में एक दिन से ज्यादा का सफर तय किया है, तो वह इस दिक्कत को आसानी से समझ सकता है। क्योंकि ज्यादा वक्त तक ट्रेन में सवार रहने से भी इस तरह की दिक्कत हो जाती है। हालांकि क्योंकि ट्रेन पानी के जहाज की तुलना में बहुत स्थिर होती है, इसलिए यह मोमेन्टम हमें सिर्फ हमारे दिमाग में महसूस होता है, असल में हमारे पांव स्थिर रहते हैं। बात फिल्म की करें तो 'पायरेट्स ऑफ द कैरेबियन' के कुल 5 पार्ट अभी तक रिलीज किए जा चुके हैं और अगले का दर्शकों को इंतजार रहता है।

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