किसानों के लिए बड़ी खबर, भारत ने इस जानलेवा केमिकल पर लगाया बैन; क्या है पैराक्वाट

Jul 14, 2026 - 12:33
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किसानों के लिए बड़ी खबर, भारत ने इस जानलेवा केमिकल पर लगाया बैन; क्या है पैराक्वाट

भारत सरकार ने एक अहम फैसले में पैराक्वाट को देश में पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। यह एक घातक हर्बीसाइड है, जिस पर काफी समय से रोक लगाने की मांग हो रही थी। देश के तमाम कृषि विशेषज्ञों और डॉक्टरों का कहना है कि यह कदम कई साल पहले उठाया जाना चाहिए था। पैराक्वाट पर 70 से अधिक देशों में प्रतिबंध लगा हुआ है। यहां तक कि जिस देश में इसका अविष्कार हुआ और इसे बनाया जाता है, वहां भी यह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पैराक्वाट डाइक्लोराइड भारत के खेतों में कानूनी तौर पर इस्तेमाल होता रहा। हालांकि अभी यह एक मसौदा नोटिफिकेशन है। इसको लेकर 13 जुलाई 2026 से अगले 30 दिन तक आपत्तियां और सुझाव दिए जा सकते हैं।ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारीकृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को पैराक्वाट पर प्रतिबंध लगाने वाला ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया। पैराक्वाट पर देशव्यापी बैन की प्रस्तावित फाइल कृषि मंत्रालय को सौंपी गई थी। पैराक्वाट डाइक्लोराइड, दुनिया के सबसे विवादित हर्बिसाइड्स में से एक है। अपने जहरीले प्रभाव के चलते दुनिया के कई देशों में इसका इस्तेमाल बंद किया जा चुका है। हालांकि भारतीय बाजार में यह अभी तक चल रहा था। स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसके आयात, निर्माण, बिक्री, ट्रांसपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन और इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।बड़े कदम की तरफ शुरुआतखास बात यह है कि पैराक्वाट पर लगाया गया प्रतिबंध एक नीतिगत शुरुआत हो सकती है। इसके तहत कई अन्य कीटनाशकों के खिलाफ भी ऐसा कदम उठाया जा सकता है। भारत अभी भी कई ऐसे कीटनाशकों के इस्तेमाल की अनुमति देता है, जो अन्य देशों में प्रतिबंधित हैं। वजह, इनके इस्तेमाल से कैंसर और न्यूरोलॉजिकल परेशानियों से लेकर पर्यावरणीय नुकसान तक के खतरे बताए गए हैं। पैराक्वाट को प्रतिबंधित करने के बाद अब इन केमिकल्स की तरफ भी कदम बढ़ाया जाना चाहिए। पैराक्वाट क्यों इतना खतरनाकपैराक्वाट कोई साधारण कीटनाशक नहीं है। डॉक्टर इसे बेहद घातक कृषि रसायन मानते हैं। इसकी वजह यह है कि पैराक्वाट का कोई स्पेसिफिक एंटीडोट नहीं है। यहां तक बहुत छोटी सी मात्रा भी जानलेवा हो सकती है। एक बार शरीर के अंदर जाने के बाद पैराक्वाट फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके चलते सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा किडनी, लिवर, त्वचा और आंखों के लिए भी यह खतरनाक होता है। इसके संपर्क में आने से इंसानों और जानवरों के स्वास्थ्य पर अत्यंत गंभीर और प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।इसका सटीक ढंग से इलाज भी नहीं हो सकता, इसलिए यह और खतरनाक बन जाता है। यह किसानों और खेत में काम करने वालों को प्रभावित करता है। गलती से निगलने, छिड़काव के समय सांसों के रास्ते अंदर जाने या घाव के संपर्क में आने पर यह बहुत घातक होता है।

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