होर्मुज पर संग्राम, ईरान पर हमले का आरोप; इजरायल ने भी नौ को उतारा मौत के घाट

Aug 16, 2026 - 08:23
0 0
होर्मुज पर संग्राम, ईरान पर हमले का आरोप; इजरायल ने भी नौ को उतारा मौत के घाट

होर्मुज पर संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूएई ने जहां ईरान पर फिर जहाज पर हमले का आरोप लगाया है। वहीं, ईरान समर्थित हूतियों ने यमन में एक लाल सागर पोर्ट पर हमला किया। दूसरी तरफ इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमला करके नौ लोगों को मौत के घाट उतार दिया। 20 जून से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष का यह सबसे भीषण हमला है। गौरतलब है कि होर्मुज में जहाजों के आवागमन को लेकर डोनाल्ड ट्रंप भी लगातार हमलावर हैं। वहीं, ईरान का कहना है कि वह होर्मुज का रास्ता तब तक आसान नहीं होने देगा, जब तक अमेरिका अपने रवैये में सुधार नहीं कर लेता है।अबूधाबी के जहाज पर हमलाताजा घटनाक्रम में अबूधाबी की सरकारी तेल और गैस कंपनी एडनॉक के जहाज पर हमला हुआ है। यह हमला उस वक्त किया गया जब यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था। अबूधाबी ने इस हमले के लिए ईरान पर आरोप लगाया है। जानकारी के मुताबिक हमला शु्क्रवार शाम को किया गया। हालांकि किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। एडनॉक द्वारा संचालित किसी जहाज पर पिछले हफ्ते के अंदर तीसरा हमला है। यूएई ने इसको लेकर ईरान को चेतावनी दी है और उकसावे वाले हमलों पर लगाम लगाने के लिए भी कहा है।इजरायल की करतूतवहीं, दक्षिणी लेबनान पर शनिवार तड़के हुए इजरायल के हवाई हमले में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी (एनएनए) ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी के अनुसार, बचावकर्मी और पराचिकित्सक अब भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। यह हवाई हमला 26 जून को लेबनान और इजरायल के बीच घोषित फ्रेमवर्क समझौते के बाद से सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है। इस समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी के बदले ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह संगठन को निरस्त्र करने की योजना तय की गई थी।ट्रंप का होर्मुज पर दावाउधर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे जल्द ही होर्मुज को अमेरिका का इलाका घोषित कर सकते हैं। न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी में आयोजित एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहाकि ईरान को बुरी तरह हराने के बाद, मैं जल्द ही होर्मुज को अमेरिका का इलाका घोषित कर दूंगा। राष्ट्रपति ने यह भी कहाकि उन्होंने सेना का इस्तेमाल जितना सोचा था, उससे थोड़ा ज़्यादा किया है, लेकिन उनका तर्क था कि ईरानी सरकार को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए तेहरान पर दबाव बनाना ज़रूरी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User