पुतिन को न्यूक्लियर अटैक करने से PM मोदी ने रोका! पोलैंड के मंत्री का बड़ा दावा

Jul 14, 2026 - 12:33
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पुतिन को न्यूक्लियर अटैक करने से PM मोदी ने रोका! पोलैंड के मंत्री का बड़ा दावा

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रोकने और इसे और ज्यादा गंभीर होने से बचाने में भारत की भूमिका की पोलैंड ने जमकर सराहना की है। पोलैंड के उप विदेश मंत्री और राज्य सचिव व्लादिस्लाव थियोफिल बटोवस्की ने एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि साल 2022 के आखिर में जब युद्ध अपने चरम पर था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस की राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को टैक्टिकल परमाणु हथियारों का इस्तेमाल न करने के लिए राजी करने में अहम भूमिका निभाई थी।पुतिन केवल पीएम मोदी की बात सुनते हैंन्यूज एजेंसी ANI और मीडिया चैनलों से बातचीत में पोलिश मंत्री बटोवस्की ने कहा कि भारत की दशकों पुरानी तटस्थता और रूस के साथ ऐतिहासिक संबंध नई दिल्ली को एक बेहद अनोखी और मजबूत स्थिति में खड़ा करते हैं।पोलिश मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के एक बेहद सम्मानित और जाने-माने राजनेता हैं। भारत के रूसी संघ और उससे पहले सोवियत संघ के साथ गुटनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में बहुत पुराने व गहरे संबंध रहे हैं। राष्ट्रपति पुतिन वास्तव में इस बात पर पूरा ध्यान देते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे क्या कह रहे हैं।उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में जब मॉस्को के साथ सीधे बातचीत के सारे रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं, तब पीएम मोदी उन गिने-चुने वैश्विक नेताओं में से एक हैं जो वास्तव में रूसी राष्ट्रपति पर अपना प्रभाव डाल सकते हैं और उन्हें युद्ध रोकने के लिए मना सकते हैं।गैर-विरोधी देशों की अपील का होता है ज्यादा असरपोलिश मंत्री के अनुसार, जब कोई ऐसा देश तनाव कम करने की अपील करता है जिसे रूस अपना दुश्मन नहीं मानता, तो उस बात का वजन बहुत ज्यादा होता है।उन्होंने कहा कि युद्ध को बढ़ने से रोकने के पक्ष में न केवल भारत और पीएम मोदी हैं, बल्कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी इसके खिलाफ हैं। रूस के लिए गैर-विरोधी देशों की यह आवाजें इस युद्ध को रोकने में सबसे निर्णायक साबित हो सकती हैं।उन्होंने भारत और पोलैंड के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का हवाला देते हुए पीएम मोदी की पोलैंड यात्रा को याद किया और कहा कि वे यूक्रेन में एक स्थायी, स्थिर और सुरक्षित शांति चाहते हैं।रूसी तेल पर पोलैंड और भारत के बीच मतभेद हुए दूरभारत की ओर से रूस से खरीदे जा रहे सस्ते कच्चे तेल को लेकर पोलैंड और भारत के बीच जो कड़वाहट थी, वह अब काफी हद तक सुलझ चुकी है। बटोवस्की ने स्वीकार किया कि पहले पोलैंड इस खरीद का विरोधी था क्योंकि उसका मानना था कि इस तेल के पैसे से रूस अपनी युद्ध अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।उन्होंने कहा, हम पहले भारत के रूसी तेल खरीदे जाने की आलोचना करते थे। लेकिन हम इसके पीछे के आर्थिक कारण को भी समझते हैं क्योंकि भारत को यह तेल बाजार की कीमत से लगभग 40 प्रतिशत की भारी छूट पर मिल रहा था। अब दोनों देश एक-दूसरे के दृष्टिकोण को बेहतर ढंग से समझते हैं और यह मुद्दा अब हमारे बीच कोई बड़ी रुकावट नहीं है।पुतिन ने भी की थी पीएम मोदी की तारीफपोलिश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कुछ ही समय पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने खुद सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) के दौरान पीएम मोदी और भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की जमकर तारीफ की थी।पुतिन ने साफ शब्दों में कहा था कि भारत जैसी दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और महाशक्ति पर किसी भी बाहरी देश द्वारा दबाव बनाने की कोशिशें पूरी तरह से बेकार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए नुकसानदेह साबित होंगी। उन्होंने कहा था कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर फैसले लेता है और रूस को भारत के अन्य देशों के साथ संबंधों से कोई आपत्ति नहीं है।

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