TMC में टूट के बीच खुलेंगी ममता शासन की फाइलें, CM शुभेंदु अधिकारी की ये खास टीम खोलेगी राज
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पूर्व सरकार की फाइलें खोलने की तैयारी है। भारतीय जनता पार्टी सरकार ने एक कमेटी गठित की है, जो 15 साल में हुई आर्थिक अनियमतताओं की जांच करेगी। वहीं, राज्य के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय कई कुलपतियों की गिरफ्तारी होने की भी संभावनाएं जता चुके हैं। हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी का भी नाम नहीं लिया है।पश्चिम बंगाल सरकर की एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। यह आयोग साल 2011 से 2026 के बीच अलग-अलग विभागों और एजेंसियों में हुईं कथित आर्थिक अनियमितताओं की जांच करेगा। इस आयोग की अगुवाई कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज बिस्वाजीत बसु कर रहे हैं। सरकारी आदेश के अनुसार, यह फैसला बड़े स्तर पर जनता की चिंताओं के मद्देनजर लिया गया है।ये विभाग होंगे रडार परपीटीआई भाषा से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि शिक्षा, खाद्य और आपूर्ति, आवास, फिशरीज, उद्योग, गोरखालैंड टैरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन या GTA समेत कई विभाग बसु की अगुवाई में होने वाली जांच के दायरे में आएंगे।कुलपतियों की हो सकती है गिरफ्तारीचट्टोपाध्याय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासनकाल के दौरान बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं और दशकों के राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद, राज्य सरकार की तात्कालिक प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को 'भ्रष्टाचार मुक्त और राजनीति मुक्त' बनाना है।समाचार चैनल एबीपी आनंदा को दिए एक साक्षात्कार में चट्टोपाध्याय ने कहा, 'आप पहले ही एक पूर्व शिक्षा मंत्री को जेल जाते देख चुके हैं। आपने अभी तक विश्वविद्यालय के कुलपतियों को जेल में नहीं देखा है। अगर भविष्य में आप प्रेसीडेंसी, दमदम या अलीपुर की जेलों में एक या दो कुलपतियों को देखें, तो हैरान होने की कोई वजह नहीं होनी चाहिए।'हालांकि, मंत्री ने किसी विश्वविद्यालय या कुलपति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों में कथित अनियमितताओं की जांच का दायरा केवल राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों तक ही सीमित नहीं रखने वाली है। यह टिप्पणी पिछले कुछ वर्षों में बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर छाए भर्ती और शिक्षा से जुड़े भ्रष्टाचार के कई मामलों की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें स्कूल नौकरी घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी और विश्वविद्यालयों के कामकाज में कथित अनियमितताओं की जांच शामिल है। क्या बोली TMCराज्य सरकार के इस फैसले को लेकर अब तक ममता बनर्जी की अगुवाई वाले गुट ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, विधायक ऋताब्रता बनर्जी समूह ने इस पर कुछ नहीं कहा है। ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब राज्य में 21 जुलाई को शहीद दिवस मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं।
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