जबरन मजदूरी से बने विदेशी सामान के आयात पर रोक, अमेरिकी जांच के बीच सरकार का फैसला

Jul 14, 2026 - 12:33
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जबरन मजदूरी से बने विदेशी सामान के आयात पर रोक, अमेरिकी जांच के बीच सरकार का फैसला

केंद्र सरकार ने विदेश व्यापार नीति (FTP) 2023 में बड़ा बदलाव किया है। जबरन मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने का फैसला हुआ है। वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 13 जुलाई को जारी नोटिफिकेशन के जरिए यह प्रावधान जोड़ा। नई व्यवस्था के तहत अगर कोई वस्तु पूरी तरह या आंशिक रूप से जबरन मजदूरी से बनाई गई है तो उसका भारत में आयात प्रतिबंधित रहेगा। यह अधिसूचना आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से 30 दिन बाद प्रभावी होगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद वैश्विक श्रम मानकों का पालन सुनिश्चित करना और ऐसे उत्पादों के आयात पर रोक लगाना है, जिनके निर्माण में श्रमिकों का शोषण किया गया हो। विदेश व्यापार नीति में जोड़े गए नए प्रावधान के अनुसार केंद्र सरकार किसी भी समय नोटिफिकेशन जारी कर विशेष वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा सकती है। अगर जांच या अन्य उपलब्ध सबूतों से यह साबित होता है कि उनका उत्पादन जबरन मजदूरी के जरिए किया गया है। ऐसे मामलों की जांच किस प्रकार की जाएगी, इसकी प्रक्रिया विदेश व्यापार नीति की हैंडबुक ऑफ प्रोसीजर्स 2023 से तय की जाएगी। जबरन मजदूरी की नई परिभाषाडीजीएफटी ने पॉलिसी के चैप्टर-11 में जबरन मजदूरी की नई परिभाषा भी शामिल की है। इसके अनुसार अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के फोर्स्ड लेबर कन्वेंशन, 1930 के तहत किसी व्यक्ति से दंड या भय दिखाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध कराया गया कोई भी काम या सेवा जबरन मजदूरी मानी जाएगी। सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका का व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) भारत सहित 60 देशों के खिलाफ जबरन मजदूरी से जुड़े मामलों की जांच कर रहा है।US ने टैरिफ बढ़ाने की दी चेतावनीयूएसटीआर का आरोप है कि इन देशों ने जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक नहीं लगाई है। इसी क्रम में 3 जून को अमेरिका ने भारत समेत 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा था। कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मैक्सिको और पाकिस्तान जैसे छह देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त आयात टैरिफ लगाने का भी प्रस्ताव दिया गया था। अमेरिका का कहना है कि इन देशों को ऐसे उत्पादों के आयात के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।भारत और अमेरिका इस मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रहे हैं। दोनों देश इस समय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने के लिए वार्ता में जुटे हैं। ऐसे में विदेश व्यापार नीति में किया गया यह बदलाव व्यापारिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के पालन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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