अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ईरानी राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी, आज शाम पुतिन से भी होगी मुलाकात
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। पीएम मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से हुई यह मुलाकात अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच हुई है। यह दोनों नेताओं के बीच दो साल में पहली मुलाकात है।इससे पहले, आज सुबह पीएम मोदी ने अपने अर्मेनियाई समकक्ष निकोल पाशिनयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी। दोनों नेताओं ने रक्षा, आर्थिक, फार्मा, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, संस्कृति और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने और बढ़ाने के लिए आर्मेनिया के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक है।इतनी अहम क्यों मानी जा रही पीएम मोदी-ईरानी राष्ट्रपति की बैठकदरअसल, यह बैठक और मुलाकात इसलिए इतनी अहम मानी जा रही है, क्योंकि फरवरी से ही मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है। दोनों देशों के बीच समझौता भी हुआ, लेकिन बाद में वह भी टूट गया। ईरान और भारत के संबंध काफी पुराने रहे हैं और ट्रेड भी अच्छे स्तर पर होता रहा है। हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट के लंबे समय तक बंद रहने की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट देखने को मिला। इससे पहले, जून महीने में पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। वहीं, आज शाम पीएम मोदी के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने और किर्गिज प्रेसिडेंट सदिर जापारोव के बुलावे पर छठें वर्ल्ड नोमैड गेम्स की ऑफिशियल ओपनिंग सेरेमनी में शामिल होने की उम्मीद है। बिश्केक के लिए निकलने से पहले, ईरानी प्रेसिडेंट ने कहा था कि ईरान जंग नहीं चाहता, लेकिन किसी भी हमले का जवाब ताकत और पक्के इरादे से देगा। उन्होंने इस इलाके में अस्थिरता को सभी देशों के लिए नुकसानदायक माना और आर्थिक और सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आने की जरूरत पर जोर दिया।उन्होंने कहा, यह बैठक बहुत जरूरी है और इस इलाके के ज्यादातर लीडर इसमें मौजूद रहेंगे। ऐसे हालात में जब कुछ इंटरनेशनल संस्थाएं दुनिया में एक जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं, इस मीटिंग को ग्लोबल लेवल पर अलग-अलग और आजाद आवाजों के होने का सिंबल माना जा रहा है। वहीं, ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, हम एक ऐसे इलाके में रहते हैं जिसकी किस्मत, इतिहास और सभ्यता हजारों साल पुरानी है, और हम हमेशा एक-दूसरे के साथ कम्युनिकेशन, को-एग्जिस्टेंस और ग्रोथ में रहे हैं। इसलिए, शांति, सिक्योरिटी, इकॉनमी और सभ्यता इसी जमीन से पैदा हुई है, और यह नैचुरल है कि हमें आज की दुनिया में इस ट्रेंड को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए।
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