अमेरिकी पत्रकार शेली किटल्सन अपहरण केस में बड़ा फैसला, दोषी को 15 साल की सजा
इराक की न्यायपालिका ने अमेरिकी पत्रकार शेली किटल्सन के अपहरण मामले में एक अभियुक्त को 15 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें इस साल की शुरुआत में ईरान समर्थित एक शक्तिशाली सशस्त्र समूह ने बगदाद में पत्रकार का अपहरण किया था। केंद्रीय आपराधिक अदालत ने आमिर रहीम जब्बार को आतंकवाद-रोधी कानून के तहत दोषी ठहराया था। स्थानीय मीडिया द्वारा शेयर किए गए दस्तावेज के अनुसार, अदालत ने उन्हें किटल्सन के अपहरण में भूमिका के लिए 15 वर्ष के कारावास की सजा दी। न्यूज एजेंसी एएफपी से बात करते हुए एक न्यायिक सूत्र ने दस्तावेज की प्रामाणिकता की पुष्टि की। कताएब हिजबुल्लाह से जुड़े एक सूत्र ने भी अपने एक सदस्य के खिलाफ आए इस फैसले को स्वीकार किया।31 मार्च की घटना31 मार्च को मध्य पूर्व में युद्ध के चरम पर बगदाद में पत्रकार शेली किटल्सन का अपहरण हुआ। कताएब हिजबुल्लाह पर आरोप है कि उसके सदस्यों ने राजधानी के व्यस्त इलाके में उन्हें कार में जबरन बिठा लिया और कई दिनों तक बंधक बनाए रखा। अमेरिकी और इराकी अधिकारियों के अनुसार, अपहरण के समय दो वाहनों का इस्तेमाल हुआ। सुरक्षा बलों ने पीछा किया, एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ और एक संदिग्ध गिरफ्तार हुआ। पत्रकार को दूसरे वाहन में ले जाया गया।बता दें कि किटल्सन स्वतंत्र पत्रकार हैं और मध्य पूर्व के संघर्षों पर लंबे समय से रिपोर्टिंग करती रही हैं। उन्हें अप्रैल की शुरुआत में रिहा किया गया। रिहाई अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते से कुछ घंटे पहले हुई। समूह ने शर्त रखी थी कि वे तत्काल इराक छोड़ दें। उस समय इराकी अधिकारियों ने समूह से जुड़े एक सदस्य को पहले ही हिरासत में ले लिया था। यही गिरफ्तारी अब सजा के रूप में सामने आई है।वहीं, किटल्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अदालती फैसले की प्रति शेयर की और कहा कि वे इराकी न्यायपालिका की आभारी हैं।गौरतलब है कि कताएब हिजबुल्लाह उन कई ईरान समर्थक सशस्त्र संगठनों में से एक है, जिन्होंने मध्य पूर्व युद्ध के दौरान तेहरान के पक्ष में हस्तक्षेप किया। समूह ने इराक और पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी भी ली है। वाशिंगटन इन संगठनों को आतंकवादी घोषित करता है। तेहरान के प्रभाव को कम करने के लिए अमेरिका का दबाव बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री अली अल-जैदी की नई इराकी सरकार का कहना है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ईरान समर्थक सशस्त्र समूह अपने हथियार राज्य को सौंप दें।अभी क्या हैं हालात?बगदाद कभी अपहरण और अपहरण के प्रयासों के लिए कुख्यात रहा। हाल के वर्षों में सुरक्षा व्यवस्था सुधरने के साथ ऐसे मामले घटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पत्रकारों और विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने वाले अपराधों पर सख्ती जारी रहेगी।
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