Join Indian Army: भारतीय सेना में कैसे बनें लेफ्टिनेंट? ग्रेजुएशन के बाद कैसे होगा चयन
Join Indian Army: देश सेवा का जज्बा रखने वाले युवाओं के लिए भारतीय सेना में ऑफिसर बनना सबसे सम्मानजनक अवसरों में से एक माना जाता है। यदि आपने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली है या फाइनल ईयर में हैं, तब भी आप भारतीय सेना में सीधे लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त कर सकते हैं।ग्रेजुएशन के बाद सेना में शामिल होने का सबसे पॉपुलर रास्ता है कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा हर साल दो बार इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है।कौन कर सकता है आवेदन?शैक्षणिक योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में पढ़ाई कर रहे छात्र भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।आयु सीमा और वैवाहिक स्थिति: इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) के लिए अविवाहित पुरुष अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिनकी आयु 19 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए। ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) के लिए पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जहां आयु सीमा 19 से 25 वर्ष तय की गई है।चयन प्रक्रिया: 3 मुख्य चरणों से गुजरना होगाभारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने के लिए अभ्यर्थियों को इन तीन चरणों को पार करना होता है-1. लिखित परीक्षा (UPSC CDS)यूपीएससी द्वारा आयोजित इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न पूछे जाते हैं। आईएमए (IMA) के लिए अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान और प्रारंभिक गणित विषय की परीक्षा होती है, जबकि ओटीए (OTA) के लिए केवल अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान का पेपर देना होता है।2. एसएसबी इंटरव्यू (SSB)लिखित परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को 5 दिनों के सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। यह इंटरव्यू अभ्यर्थी के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, साइकोलॉजिकल थिकिंग और फिजिकल फिटनेस को परखने के लिए होता है। इसमें पिक्चर परसेप्शन, जीटीओ टास्क, ग्रुप डिस्कशन और पर्सनल इंटरव्यू शामिल होते हैं।3. मेडिकल टेस्टएसएसबी में रिकमेंड होने वाले अभ्यर्थियों का सेना के डॉक्टरों द्वारा कड़ा मेडिकल परीक्षण किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अभ्यर्थी सैन्य सेवा के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट है।अकादमी में ट्रेनिंग और लेफ्टिनेंट पदसभी चरणों और ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट में जगह बनाने वाले कैडेट्स को ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। परमानेंट कमीशन पाने वाले कैडेट्स को इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA), देहरादून और शॉर्ट सर्विस कमीशन पाने वाले कैडेट्स को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), चेन्नई भेजा जाता है।लगभग 1 से 1.5 साल की कड़ी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद कैडेट्स की पासिंग आउट परेड होती है और वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन होते हैं। इस पद पर आकर्षक सैलरी, सुविधाएं मिलती हैं।
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