Indian Army Recruitment 2026: महिला इंजीनियरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इंडियन आर्मी में ऑफिसर बनने का मौका, ऐसे करें आवेदन

इंडियन आर्मी में अफसर बनने का सपना देख रही महिला इंजीनियरों के लिए शानदार मौका है। सेना ने SSCW (Tech)-68 कोर्स के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं।

Jul 09, 2026 - 07:10
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Indian Army Recruitment 2026: महिला इंजीनियरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इंडियन आर्मी में ऑफिसर बनने का मौका, ऐसे करें आवेदन

देश सेवा का जज्बा और सेना की वर्दी पहनने का सपना, ये दोनों ही चीजें किसी भी युवा के लिए फक्र की बात होती हैं। अगर आप एक महिला हैं, आपने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, और आप इंडियन आर्मी में बतौर अफसर देश की हिफाजत करना चाहती हैं, तो आपके लिए एक बेहद शानदार खुशखबरी है। भारतीय सेना ने अपनी टेक्निकल ब्रांच में महिलाओं की भर्ती के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। जी हां, इंडियन आर्मी ने 68वें शॉर्ट सर्विस कमीशन विमेन (टेक्निकल) यानी SSCW (Tech)-68 कोर्स के लिए आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। अब वो बेटियां जो अपनी तकनीकी महारत का इस्तेमाल देश की सरहदों और सेना की ताकत को मजबूत करने के लिए करना चाहती हैं, वो इस बेहतरीन मौके का फायदा उठा सकती हैं।

आज के दौर में सेना लगातार मॉर्डनाइज हो रही है। नई-नई तकनीकें, एडवांस हथियार, और लेटेस्ट कम्युनिकेशन सिस्टम सेना का हिस्सा बन रहे हैं। ऐसे में सेना को ऐसे होनहार और तेज-तर्रार टेक्निकल अफसरों की जरूरत होती है जो इन मुश्किल मशीनों को आसानी से समझ सकें और मोर्चे पर उनका सही इस्तेमाल सुनिश्चित कर सकें। शॉर्ट सर्विस कमीशन विमेन (टेक्निकल) एंट्री के जरिए सेना में आने वाली महिला इंजीनियर इसी अहम जिम्मेदारी को निभाती हैं। यह कदम न सिर्फ सेना को तकनीकी तौर पर मजबूत बनाता है, बल्कि यह देश की महिलाओं की तरक्की और सेना में उनकी बढ़ती भागीदारी का भी एक बहुत बड़ा सुबूत है।

सेना में जाने की ख्वाहिश रखने वाली योग्य महिला इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स सीधा इंडियन आर्मी की ऑफिशियल वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जाकर अपना फॉर्म भर सकती हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ रिक्रूटिंग की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन की खिड़की 8 जुलाई से खुल चुकी है। जो भी उम्मीदवार इसके लिए अप्लाई करना चाहते हैं, उनके पास 6 अगस्त तक का वक्त है। यानी आपको बिना किसी देरी के जल्द से जल्द अपना एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट कर देना चाहिए ताकि आखिरी वक्त में वेबसाइट पर ट्रैफिक या किसी और तकनीकी दिक्कत का सामना न करना पड़े।

इस शानदार कोर्स का हिस्सा बनने के लिए सेना ने कुछ खास नियम और शर्तें तय की हैं, जिन्हें पूरा करना बेहद जरूरी है -

उम्र सीमा: सबसे पहली बात उम्र की है। इस भर्ती के लिए सिर्फ वही अविवाहित महिलाएं आवेदन कर सकती हैं, जिनकी उम्र 1 अप्रैल 2027 तक 20 से 27 साल के बीच हो।

पढ़ाई-लिखाई: जहां तक पढ़ाई का सवाल है, तो कैंडिडेट के पास नोटिफिकेशन में बताई गई जरूरी डिसिप्लिन (स्ट्रीम) में इंजीनियरिंग की डिग्री होनी चाहिए।

फाइनल ईयर के छात्रों के लिए छूट: सबसे अच्छी बात ये है कि जो छात्राएं अभी अपनी इंजीनियरिंग के आखिरी साल में हैं, वो भी इस फॉर्म को बेझिझक भर सकती हैं। बस शर्त इतनी सी है कि कोर्स जॉइन करने से पहले उन्हें अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री और सेना द्वारा तय की गई बाकी सभी योग्यताओं को पूरा करना होगा।

फौज की जिंदगी आम नौकरियों से बिल्कुल अलग होती है। एक आम इंसान को फौजी अफसर बनाने के लिए काफी कड़ी और चुनौतीपूर्ण ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। जो भी महिला उम्मीदवार इस चयन प्रक्रिया को कामयाबी के साथ पार कर लेंगी, उन्हें ट्रेनिंग के लिए बिहार के गया शहर में मौजूद ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, गया भेजा जाएगा।

यहां पूरे 49 हफ्तों तक चलने वाली एक बेहद उम्दा और कड़ी ट्रेनिंग होगी। इस ट्रेनिंग के दौरान कैंडिडेट्स को न सिर्फ शारीरिक रूप से फौलाद बनाया जाएगा, बल्कि मानसिक तौर पर भी हर चुनौती का डटकर सामना करने के लिए तैयार किया जाएगा। 49 हफ्ते की इस ट्रेनिंग को पूरा करने के बाद, इन महिला कैडेट्स को इंडियन आर्मी में शॉर्ट सर्विस कमीशन दे दिया जाएगा। इसके बाद उनके कंधों पर सितारे सजेंगे और वो एक गर्वित सैन्य अधिकारी के रूप में अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करेंगी।

अगर आप इस भर्ती के लिए पूरी तरह से मन बना चुकी हैं, तो फॉर्म भरने से पहले एक बहुत जरूरी काम जरूर करें। इंडियन आर्मी की वेबसाइट पर जाकर पूरा नोटिफिकेशन तसल्ली से पढ़ें। ये समझना बहुत जरूरी है कि आपकी इंजीनियरिंग की ब्रांच इस भर्ती के लिए मान्य है या नहीं। कई बार छोटी-छोटी गलतियों या अधूरी जानकारी की वजह से फॉर्म रिजेक्ट हो जाते हैं। इसलिए, अपनी पूरी एलिजिबिलिटी यानी योग्यता को अच्छे से चेक करें, और आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना अपना रजिस्ट्रेशन जल्द से जल्द पूरा कर लें। सेना में शामिल होना सिर्फ एक करियर विकल्प नहीं है, बल्कि ये देश के प्रति समर्पण की जिंदगी है। तो अपने डाक्यूमेंट्स तैयार कीजिए और फौज की वर्दी पहनने के अपने इस सपने को हकीकत में बदलने की तरफ पहला कदम बढ़ाइए।

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं। परिचय एवं अनुभव हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं। लेखन की सोच और मकसद हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है। शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है। रुचियां और निजी झुकाव काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं। विशेषज्ञताएं - शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन - नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस - UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर - अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन - राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

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