Akanksha Vishwakarma: UPSC के 3 अटेम्प्ट में फेल, फिर किया जबरदस्त कमबैक; CAPF में हासिल की AIR 3

Aug 16, 2026 - 08:24
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Akanksha Vishwakarma: UPSC के 3 अटेम्प्ट में फेल, फिर किया जबरदस्त कमबैक; CAPF में हासिल की AIR 3

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सफलता से ज्यादा जरूरी कई बार यह होता है कि छात्र लगातार मिल रही असफलता से क्या सीखता है और साथ ही वो इस सिचुएशन से अपने आपको कैसे संभालता है। आकांक्षा विश्वकर्मा की कहानी इसी जज्बे और निरंतर मेहनत की मिसाल है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा में तीन अटेम्प्ट में असफल मिलने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बजाय उन्होंने अपनी पिछली गलतियों को अपना ताकत बनाया और CAPF परीक्षा की तैयारी शुरू की। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 3 हासिल कर अपनी शानदार वापसी दर्ज की।असफलताओं को बनाया तैयारी का आधारबता दें कि आकांक्षा विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के शाजापुर की रहने वाली हैं। जैसा कि UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 2025 में सफलता हासिल करने से पहले उनकी राह आसान नहीं थी। यूपीएससी सीएसई की परीक्षा में 3 बार फेल हने के बाद उन्होंने CAPF की तैयारी शुरू की और इस दौरान उन्होंने कोचिंग संस्थानों पर निर्भर रहने के बजाय सेल्फ-स्टडी और अपनी रणनीति पर भरोसा किया। उन्होंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का बारीकी से विश्लेषण किया और यह समझने की कोशिश की कि UPSC किस तरह के सवाल पूछता है।गैर-जरूरी स्टडी मटेरियल से दूरीUPSC CSE के तीन प्रयासों के दौरान उन्होंने जनरल स्टडीज, इतिहास और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों में मजबूत आधार तैयार कर लिया था। यही अनुभव बाद में CAPF की तैयारी में उनके काफी काम आया। उन्होंने गैर-जरूरी स्टडी मटेरियल से दूरी बनाई और केवल उन्हीं विषयों पर ध्यान दिया जो परीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण थे।परिणाम की चिंता छोड़ तैयारी पर किया फोकसआकांक्षा के लिए तैयारी की सबसे बड़ी चुनौती केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि मानसिक दबाव भी था। लगातार प्रयासों के बाद उन्हें महसूस हुआ कि परिणाम को लेकर ज्यादा सोचने से उनका आत्मविश्वास प्रभावित हो रहा है। इसके बाद उन्होंने अपनी सोच बदली और रिजल्ट की चिंता करने के बजाय रोज की मेहनत और तैयारी पर ध्यान देना शुरू किया। इस बदलाव ने उन्हें शांत और निरंतर बने रहने में मदद की। यही मानसिक मजबूती CAPF की फिजिकल टेस्ट के दौरान भी नजर आई।फिजिकल टेस्ट में नहीं छोड़ी हिम्मत800 मीटर की दौड़ में जब 22 में से 18 उम्मीदवार दौड़ से बाहर हो गए, तब भी आकांक्षा ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी दौड़ जारी रखी और मजबूती के साथ इसे पूरा किया। यह उनके दृढ़ संकल्प और मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहने की क्षमता को दिखाता है।CAPF को चुना और हासिल की AIR 3आकांक्षा की तैयारी और लक्ष्य के लिए फोकस उस समय भी दिखाई दी, जब उन्होंने CDS इंटरव्यू और CAPF की शारीरिक परीक्षा की तारीख टकराने पर CAPF के फिजिकल टेस्ट को प्राथमिकता दी। यह फैसला उनके चुने हुए करियर पथ के प्रति उनके भरोसे को दर्शाता है।आखिरकार उनकी मेहनत सफल हुई। आकांक्षा विश्वकर्मा ने UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 3 हासिल की और टॉप रैंक वाली महिला उम्मीदवार बनीं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता अंतिम मंजिल नहीं होती। सही रणनीति, आत्मविश्वास और लगातार मेहनत के साथ वही असफलताएं सफलता की मजबूत नींव बन सकती हैं।

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