19 अगस्त को आएगा नीट काउंसलिंग राउंड 1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट, जानें इसके आगे क्या होगा?

Aug 16, 2026 - 08:24
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19 अगस्त को आएगा नीट काउंसलिंग राउंड 1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट, जानें इसके आगे क्या होगा?

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने NEET UG काउंसलिंग 2026 के पहले राउंड का संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है। उम्मीदवार संशोधित काउंसलिंग शेड्यूल MCC की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर देख सकते हैं। नए शेड्यूल के अनुसार, NEET UG 2026 राउंड 1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 19 अगस्त 2026 को जारी किया जाएगा। उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि वे 17 अगस्त 2026 को शाम 6 बजे तक अपनी पसंद (Choice) लॉक कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि रिपोर्टिंग प्रोसेस, फ्रीज-फ्लोट ऑप्शन और MCC के नए नियम क्या है।MCC ने 5 अगस्त 2026 से NEET UG काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की थी। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, उम्मीदवारों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करने के साथ निर्धारित काउंसलिंग फीस भी ऑनलाइन जमा करनी होगी। केवल फीस का भुगतान करने वाले उम्मीदवार ही काउंसलिंग की आगे की प्रक्रिया में शामिल होने के पात्र होंगे।च्वाइस कैसे भरें और लॉक करें?आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उम्मीदवारों को काउंसलिंग के दौरान अपनी पसंद के कोर्स और मेडिकल संस्थान का चयन करना होगा। उम्मीदवार अपनी प्राथमिकताओं को तय क्रम में दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनी गई सभी च्वाइस को सेव करके लॉक करना जरूरी होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि च्वाइस लॉक करने से पहले अपनी सभी प्राथमिकताओं को ध्यान से जांच लें, क्योंकि लॉक करने के बाद उनमें बदलाव करना संभव नहीं हो सकता है।सीट अलॉटमेंट रिजल्टमेरिट और उम्मीदवारों द्वारा भरी गई पसंद (Preferences) के आधार पर MCC उम्मीदवारों को अंडरग्रेजुएट मेडिकल सीटें आवंटित करेगा। नए शेड्यूल के अनुसार, NEET UG काउंसलिंग राउंड 1 का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 19 अगस्त 2026 को जारी किया जाएगा। जिन उम्मीदवारों को राउंड 1 में सीट आवंटित होगी, उन्हें 20 से 25 अगस्त 2026 के बीच संबंधित आवंटित संस्थान में रिपोर्ट करना होगा।आगे क्या होगा?अगर NEET UG काउंसलिंग राउंड 1 में किसी उम्मीदवार को सीट नहीं मिलती है, तो वह NEET UG काउंसलिंग 2026 के अगले राउंड में शामिल होने के लिए पात्र होगा। वहीं, जिन उम्मीदवारों को सीट आवंटित हो जाती है, वे अपनी पसंद के अनुसार सीट को 'फ्रीज' या 'फ्लोट' कर सकते हैं। फ्रीज का मतलब आवंटित सीट को स्वीकार करके आगे की अपग्रेडेशन प्रक्रिया में शामिल न होना है, जबकि फ्लोट विकल्प चुनने पर उम्मीदवार अगले राउंड में बेहतर सीट मिलने की संभावना के लिए अपग्रेडेशन का विकल्प रख सकता है।मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की ओर से जारी नए नियमों के अनुसार, सीट अपग्रेडेशन का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को फिजिकल रिपोर्टिंग करने की आवश्यकता नहीं होगी।

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