सांपों के भय से मुक्ति के लिए नाग पंचमी पर जरूर करें इन 3 मंत्रों जाप, नाग देवता की मिलेगी कृपा
नाग पंचमी का पावन पर्व इस साल 17 अगस्त 2026 को यानी आज मनाया जा रहा है। इस बार यह दिन और भी खास है, क्योंकि सावन का तीसरा सोमवार भी इसी दिन पड़ रहा है। नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा के साथ मंत्र जाप की भी परंपरा है। मान्यता है कि कुछ खास मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करने से नाग देवता की कृपा मिलती है और सर्प भय से मुक्ति मिल सकती है। इन मंत्रों का जाप घर में शांति और सुरक्षा का भाव भी बढ़ता है।नाग पंचमी 2026 का विशेष महत्वइस साल नाग पंचमी का संयोग सावन के तीसरे सोमवार के साथ बन रहा है। दोनों ही दिन भगवान शिव और नाग देवता की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इस दोहरे संयोग से पूजा और जाप का फल कई गुना बढ़ जाता है। लोग इस दिन विशेष रूप से नाग देवता को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जाप करते हैं। नाग पंचमी पर शुद्ध मन से की गई आराधना अधिक प्रभावशाली होती है।सर्प सुरक्षा मंत्र का जापसर्प सुरक्षा मंत्र इस प्रकार है -सर्पानां पादमस्तकं यः स्मरेन्नियतः सदा।न सर्पभयं तस्य सर्वत्र विजयं लभेत्।।इस मंत्र का नियमित स्मरण करने से सर्पदंश का खतरा टल जाता है। यात्रा के दौरान सुरक्षा मिलती है। ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए यह मंत्र विशेष सुरक्षा कवच माना गया है। नाग पंचमी के दिन इसका जाप करने से मन का भय कम होता है और सुरक्षा का विश्वास बढ़ता है। श्रद्धा के साथ जपने से लाभ मिलता है।<a class=backlink target=_blank href=https://www.livehindustan.com/astrology/nag-panchami-2026-how-to-do-nag-chandreshwar-shringar-to-get-relief-from-kaal-sarp-dosh-201786868492047.html data-vars-page-type=story data-vars-link-type=Manual data-vars-anchor-text=नाग पंचमी पर शिवलिंग का ऐसे करें नाग-चंद्रेश्वर शृंगार, कालसर्प दोष से मिलेगा राहत>नाग पंचमी पर शिवलिंग का ऐसे करें नाग-चंद्रेश्वर शृंगार, कालसर्प दोष से मिलेगा राहतअष्टनाग स्तुति मंत्र का जापअष्टनाग स्तुति मंत्र है -अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।शङ्खपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।इस मंत्र के माध्यम से आठ प्रमुख नाग देवताओं अनंत, वासुकि, शेष, पद्मनाभ, कंबल, शंखपाल, धृतराष्ट्र और तक्षक की वंदना की जाती है। नाग पंचमी पर इसका ग्यारह या इक्कीस बार पाठ करने से पूरे परिवार को सर्प भय से मुक्ति मिलती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नियमित पाठ से भय और अनिश्चितता कम होती है।<a class=backlink target=_blank href=https://www.livehindustan.com/astrology/nag-panchami-2026-5-powerful-mantras-to-remove-kaal-sarp-dosh-and-problem-from-life-201786881812581.html data-vars-page-type=story data-vars-link-type=Manual data-vars-anchor-text=कालसर्प दोष से हैं परेशान? नाग पंचमी पर करें इन 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप, दूर होंगी कई परेशानियां>कालसर्प दोष से हैं परेशान? नाग पंचमी पर करें इन 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप, दूर होंगी कई परेशानियांॐ नागराजाय नमः का जापनाग पंचमी के दिन इस आसान और प्रभावशाली मंत्र का जाप किया जा सकता है। मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मन में मौजूद सर्प भय दूर होता है। यह मंत्र जपने में आसान है, इसलिए बच्चे और बुजुर्ग भी इसे आसानी से बोल सकते हैं। शुद्ध उच्चारण और श्रद्धा के साथ इस मंत्र का 108 बार जपने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है।<a class=backlink target=_blank href=https://www.livehindustan.com/photos/astrology/vastu-tips-3-bedroom-remedies-for-better-sleep-and-stop-tossing-turning-201786893573649.html data-vars-page-type=story data-vars-link-type=Manual data-vars-anchor-text=करवटें बदलते बीत जाती है रात! बेडरूम में कर लें ये 3 वास्तु उपाय, सुकून भरी आएगी नींद>करवटें बदलते बीत जाती है रात! बेडरूम में कर लें ये 3 वास्तु उपाय, सुकून भरी आएगी नींदमंत्र जाप की विधिमंत्र जाप से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ रखें और मन को शांत करें। माला की सहायता से जप करें, तो एकाग्रता बनी रहती है। जाप के बाद नाग देवता से परिवार की रक्षा और भय मुक्ति की प्रार्थना करें।नाग पंचमी पर इन मंत्रों के जाप से सर्प भय समाप्त होता है। घर में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनता है। श्रद्धा के साथ पूजा करने और मंत्रों का जाप करने से नाग देवता की कृपा बनी रहती है।डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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