इस अंतहीन युद्ध का अंत हो, यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी का पुतिन को साफ संदेश
किर्गिस्तान में एससीओ सम्मेलन चल रहा है। यहां पर प्रधानमंत्री मोदी की रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात हुई। व्लादिमीर पुतिन और पीएम मोदी की मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम मोदी ने पुतिन से कहाकि यूक्रेन से युद्ध खत्म होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहाकि इस अंतहीन युद्ध का अब अंत होना चाहिए। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से कहाकि भारत ने यूक्रेन-रूस युद्ध में शांति प्रयासों के लिए उठाए गए हर कदम का समर्थन किया है।मानवता की यही पुकार हैकिर्गिस्तान की राजधानी में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन के साथ हुई बैठक में मोदी ने कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है और (महात्मा) गांधी एवं (गौतम) बुद्ध की धरती भारत शांति की दिशा में किये जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है तथा आगे भी करता रहेगा। पीएम मोदी ने कहाकि यह मानवता की भलाई के लिए बहुत जरूरी है। सभी मुद्दों का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान ही मानवता की पुकार है और यही भारत का संदेश है। गांधी और बुद्ध की धरती का एक ही संदेश है -शांति का रास्ता।आपसी सहयोग पर भी चर्चादोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में जारी सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा की। मोदी ने बैठक में कहाकि हम यूक्रेन के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। जब हम पहले मिले थे, तो आपने मुझे इस मामले के सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। जैसा कि आप जानते हैं, भारत शांति की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा।पुतिन के भारत आने से पहलेयह वार्ता पुतिन के सालाना ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आने से एक हफ्ते से भी कुछ समय पहले हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन द्वारा पिछले साल की गई नयी दिल्ली की यात्रा का भी जिक्र किया। मोदी ने कहाकि पिछले साल आपकी भारत यात्रा बहुत सफल और वाकई यादगार रही। हमारे लिए यह बहुत संतोष की बात है कि हमारा सहयोग नयी ऊंचाइयां छू रहा है और हम दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि राष्ट्रीय हित को सबसे ऊपर रखना हमारा साझा दृष्टिकोण रहा है और भविष्य में भी यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहेगा पुतिन ने कहाकि विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के आधार पर रूस-भारत संबंधों में गति आई है।ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकातइससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। इस मुलाकात में ईरानी राष्ट्रपति ने कहाकि भारत आने वाले समय में ईरान के साथ व्यापार का दायरा बढ़ाना और उसमें विविधता लाना चाहता है। मोदी ने वार्ता एवं कूटनीति के जरिए पश्चिम एशिया संघर्ष के समाधान की भी अपील की।प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से इतर पेजेश्कियान के साथ बैठक की। मोदी ने सोशल मीडिया पर कहाकि बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात हुई। ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को विभिन्न क्षेत्रों में और मजबूत करने के हमारे संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहाकि हम आने वाले समय में द्विपक्षीय व्यापार के दायरे को विस्तारित करना और उसमें विविधता लाना चाहते हैं। हमने क्षेत्र के मौजूदा हालात पर चर्चा की। भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के मकसद से की जा रही सभी कोशिशों का समर्थन करना जारी रखेगा।विदेश मंत्रालय ने कहाकि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष पर चर्चा की और उभरती स्थिति पर अपने विचार साझा किए। मंत्रालय ने कहाकि प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कोशिशें जारी रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।विदेश मंत्रालय ने कहाकि उन्होंने समुद्री आवाजाही और वाणिज्य की स्वतंत्रता की रक्षा करने का आह्वान करते हुए इस बात पर जोर दिया कि किसी भी हालत में आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे -जिसमें वाणिज्यिक पोत परिवहन और समुद्री कर्मी शामिल हैं- को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)