एक ही नंबर से उड़ रहे थे यात्रियों से भरे 2 प्लेन, आसमान में हुआ ‘गड़बड़झाला’; टली तबाही

Aug 16, 2026 - 08:23
0 0
एक ही नंबर से उड़ रहे थे यात्रियों से भरे 2 प्लेन, आसमान में हुआ ‘गड़बड़झाला’; टली तबाही

अमेरिका में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एयर ट्रैफिक कंट्रोल और फ्लाइट ऑपरेशन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फीनिक्स के आसमान में एक ही समय पर दो अमेरिकी एयरलाइंस के विमान एक ही फ्लाइट नंबर 2482 से उड़ रहे थे। खास बात यह थी कि इनमें से एक विमान शिकागो से फीनिक्स पहुंच रहा था, जबकि दूसरा फीनिक्स से उड़ान भर चुका था। दोनों विमान कुछ समय के लिए एक ही एयरस्पेस में आ गए। हालांकि, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की सतर्कता और तुरंत लिए गए फैसले से दोनों विमानों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया और एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। इस घटना की जांच अब फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) और अमेरिकन एयरलाइंस कर रही हैं।एक ही नंबर के दो विमान कैसे पहुंचे आमने-सामने?मामला अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 2482 से जुड़ा है। यह फ्लाइट आम तौर पर शिकागो और फीनिक्स के बीच आती-जाती है। सामान्य स्थिति में एक ही विमान इस रूट पर दोनों दिशाओं में उड़ान भरता है।लेकिन इस बार मौसम खराब होने की वजह से शिकागो से फीनिक्स आने वाली फ्लाइट में देरी हो गई। दूसरी तरफ, अमेरिकन एयरलाइंस ने फीनिक्स से उड़ान भरने के लिए एक दूसरा विमान इस्तेमाल किया और उसे तय समय के मुताबिक रवाना कर दिया।यहीं से समस्या पैदा हुई। दोनों विमानों को 'फ्लाइट नंबर 2482' ही दिया गया था। नतीजा यह हुआ कि एक विमान फीनिक्स की तरफ आ रहा था और दूसरा उसी समय फीनिक्स से उड़ान भरकर आगे बढ़ रहा था, जबकि दोनों के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में एक जैसा कॉल साइन इस्तेमाल हो रहा था।एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने तुरंत पकड़ ली गड़बड़ीदोनों विमानों के एक ही कॉल साइन के साथ एयरस्पेस में होने से स्थिति बेहद संवेदनशील हो सकती थी। अगर किसी निर्देश को लेकर दोनों पायलटों के बीच भ्रम पैदा होता, तो विमानों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना मुश्किल हो सकता था।फीनिक्स के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने स्थिति को पहचानते ही दोनों विमानों की पहचान अलग-अलग तरीके से करनी शुरू कर दी। उन्होंने एक विमान को “American 2482 on the arrival” और दूसरे को “American 2482 on the departure” कहकर संबोधित किया।इस छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कदम से यह साफ हो गया कि कंट्रोलर किस विमान को निर्देश दे रहा है। कंट्रोलर ने दोनों विमानों के बीच जरूरी ऊंचाई और दूरी बनाए रखी।दोनों विमान एक-दूसरे के रास्ते में आ सकते थेस्थिति इसलिए भी गंभीर थी क्योंकि दोनों विमानों के रास्ते एक-दूसरे के करीब आ रहे थे। कंट्रोलर ने आने वाले विमान को पर्याप्त ऊंचाई पर बनाए रखा और फीनिक्स से उड़ान भर चुके विमान को भी ज्यादा ऊंचाई पर नहीं जाने का निर्देश दिया। इससे दोनों विमानों के बीच सुरक्षित वर्टिकल सेपरेशन बना रहा।रिपोर्ट के मुताबिक, कंट्रोलर ने दोनों पायलटों को एक-दूसरे के विमान के बारे में समय रहते जानकारी दी। विमान सुरक्षित तरीके से एक-दूसरे को पार कर गए। इसके बाद आने वाले विमान के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की तारीफ करते हुए उनके काम को सराहा।25 साल के अनुभव में पहली बार ऐसा देखाइस घटना के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने भी हैरानी जताई। उन्होंने बताया कि वह करीब 25 साल से एयर ट्रैफिक कंट्रोल के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने पहले कभी दो विमानों को लगभग एक ही समय में एक ही कॉल साइन के साथ इस तरह आते नहीं देखा था।यानी यह कोई सामान्य स्थिति नहीं थी। एविएशन में फ्लाइट नंबर और कॉल साइन का सही इस्तेमाल बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर इन्हीं पहचान के आधार पर अलग-अलग विमानों को निर्देश देते हैं।गलती कहां हुई, अब होगी जांचएविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट स्टीव अरोयो के मुताबिक, संभव है कि एयरलाइन के डिस्पैच सेंटर में यह बात पकड़ में नहीं आई कि दोनों फ्लाइट एक ही समय में हवा में रहेंगी और उनका फ्लाइट नंबर भी एक ही होगा।उन्होंने इसे एक ऐसी गलती बताया, जिसे ऑपरेशन के दौरान पकड़ा जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से यह साबित होता है कि एविएशन सिस्टम में कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है और इस मामले में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की सतर्कता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।FAA और अमेरिकन एयरलाइंस कर रहे जांचफेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन और अमेरिकन एयरलाइंस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर दोनों विमानों को एक ही फ्लाइट नंबर के साथ एक ही समय पर ऑपरेट करने की स्थिति कैसे बनी।अमेरिकन एयरलाइंस ने कहा है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों और पायलटों की सतर्कता की वजह से दोनों विमानों के बीच जरूरी दूरी हमेशा बनाए रखी गई और समस्या को समय रहते पहचानकर ठीक कर लिया गया। दोनों फ्लाइट सुरक्षित रूप से अपने रास्ते पर आगे बढ़ीं और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।फिलहाल इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है। लेकिन यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि विमानन में छोटी-सी ऑपरेशनल गलती भी कितनी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। इस मामले में समय रहते गड़बड़ी पकड़ लेने वाले एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की भूमिका सबसे अहम रही।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User