UGC NET Answer Key 2026: 84 विषयों की आंसर की जारी, 3 सब्जेक्ट की फिर से परीक्षा; 18 अगस्त तक आपत्ति का मौका
UGC NET Answer Key 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट जून 2026 की प्रोविजनल आंसर की अपने आधिकारिक पोर्टल ugcnet.nta.nic.in पर अपलोड कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने जून और जुलाई में परीक्षा दी थी, वे अब अपने रोल नंबर और जन्मतिथि की मदद से लॉगिन कर आंसर की देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उस पर आपत्ति भी दर्ज करा सकते हैं। गौरतलब है कि यूजीसी नेट जून 2026 सत्र की परीक्षाएं 22, 23, 24, 25, 29, 30 जून को आयोजित हुई थीं। इसके अलावा कुछ उम्मीदवारों के लिए 5 जुलाई को दोबारा परीक्षा कराई गई थी, जिसकी वजह पेपर में आई तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कतें रही होंगी। अब जब आंसर की जारी हो चुकी है, तो उम्मीदवारों के पास अपने जवाबों का मिलान कर संभावित स्कोर का अंदाजा लगाने का मौका है। एनटीए के मुताबिक इस बार यूजीसी नेट परीक्षा कुल 87 विषयों के लिए आयोजित हुई थी। इनमें से 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर की पीडीएफ और चैलेंज लिंक के साथ जारी कर दी गई है। लेकिन अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के विषयों की दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। दरअसल इन विषयों के प्रश्नपत्रों को लेकर कई तरह की शिकायतें मिली थीं, जिनमें सवालों में गड़बड़ी की बात कही गई थी। एनटीए ने बताया कि इन शिकायतों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है, और उसी की सिफारिशों के आधार पर आज ही इन तीन विषयों को लेकर अलग से एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया गया है।16 से 18 अगस्त तक खुली रहेगी आपत्ति विंडोअगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि आंसर की में दिया गया कोई जवाब गलत है, तो वह 16 अगस्त से 18 अगस्त 2026 की रात 11 बजे तक आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके लिए सिर्फ शिकायत दर्ज कराना काफी नहीं होगा, बल्कि हर सवाल के साथ ठोस सबूत और तर्कसंगत जस्टिफिकेशन भी देना अनिवार्य है। साथ ही हर एक सवाल को चुनौती देने के लिए 200 रुपये की प्रोसेसिंग फीस भी चुकानी होगी, जो सामान्य परिस्थितियों में वापस नहीं की जाती। हालांकि राहत की बात यह है कि अगर विषय विशेषज्ञों ने किसी उम्मीदवार की आपत्ति को सही पाया, तो उसकी फीस लौटा दी जाएगी। एनटीए ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर, प्रोसेसिंग फीस के साथ और सिर्फ निर्धारित लिंक के जरिए ही की गई आपत्तियां स्वीकार होंगी। बिना सबूत के, समय सीमा खत्म होने के बाद, या किसी और माध्यम से भेजी गई शिकायतों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आखिरी दिन का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द अपनी आपत्ति दर्ज कर दें।क्या है एनटीए के नियमएनटीए के नियमों के मुताबिक अगर किसी एक उम्मीदवार की आपत्ति भी सही साबित होती है, तो उस सुधार का फायदा उस विषय के सभी उम्मीदवारों को मिलेगा, यानी जवाब में बदलाव सबकी उत्तर पुस्तिका पर एक समान रूप से लागू होगा। सभी आपत्तियों पर विचार करने के बाद जो अंतिम आंसर की जारी होगी, उसी के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा और उसे अंतिम माना जाएगा। इसके बाद किसी भी तरह की शिकायत पर सुनवाई नहीं होगी।गौरतलब है कि यूजीसी नेट का सर्टिफिकेट भारतीय नागरिकों के लिए बेहद अहम माना जाता है। यह जूनियर रिसर्च फेलोशिप यानी जेआरएफ पाने, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति, और पीएचडी में दाखिले के लिए पात्रता तय करता है। ऐसे में लाखों उम्मीदवारों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि उनकी आपत्तियों पर एनटीए क्या फैसला लेता है और अंतिम आंसर की व रिजल्ट कब जारी होते हैं। फिलहाल उम्मीदवारों को यही सलाह है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें, ताकि किसी भी अपडेट से चूक न जाएं।
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